बसंत पंचमी का अर्थ ( BASANT PANCHMI MEANING )
||ॐ|| वसन्त का अर्थ हुआ वासनाओं का अन्त, और पंचमी पञ्च-तत्त्वों से बनी काया को कहते है। इस प्रकार पञ्च-तत्त्वों से बनी काया से वासनाओं का मिट जाना ही वसन्त-पंचमी है। वसन्त-पंचमी के दिन हम सरस्वती (स+रस+वती) की वंदना करते है। स मतलब वह परमात्मा, उस परमात्मा के रस में इन्द्रियाँ डूब जाये, रसवत हो जायँ तो हो गयी वन्दना। इस प्रकार सरस्वती वन्दना का इतना ही मतलब है कि उस परमात्मा के भक्ति के रस से सरोबार हुआ जाय, नाकि किसी देवी (सरस्वती) की मूर्ति या तस्वीर खड़ी कर उसके पूजन-अर्चन में समय नष्ट किया जाय। साधना की अधिक जानकारी के लिए कृपया धर्मशास्त्र "यथार्थ गीता" का अध्ययन करें। ||ॐ श्री परमात्मने नमः|| 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🌷🕉🌷🙏🏼🙏🏼🙏🏼